भारत चीन युद्द के समय दान कर दिए थे इंदिरा गाँधी ने अपने सारे गहने देश के लिए . - Netfandu

Friday, November 2, 2018

भारत चीन युद्द के समय दान कर दिए थे इंदिरा गाँधी ने अपने सारे गहने देश के लिए .

8  सितम्बर 1962  चाइनीज़ सेना के जवानो ने भारत चीन की सीमापार स्थित धोला चौकी  पर घुसपैठ करने की कोशिश की।  इसके  कुछ दिनों बाद चीनी सेनाओ ने भारत पर हमला  कर दिया और चौकी पर  कब्ज़ा जमा लिया।   भारतीय सेना ने अपनी चौकी को दुश्मन से  वापस लेने के लिए    ऑपरेशन लेगहॉर्न  शुरू किया और अपनी चोकी  को वापस ले लिया

इसके दो महीने बाद चीन की सेना ने भारत पर धोखे  से हमला कर दिया. भारत को इस हमले का अंदाजा नहीं था क्योकि यह हमला पूर्ण रूप से भारत को धोखे में रख कर किया गया था. जल्द ही चीन की सेना ने  भारतीय सीमा के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा जमा लिया .उस समय ज्यादतर सेना के कमांडर  ब्रिटिश अधिकारी  ही थे जो अन्गेरेजो के जाने के बाद रुक गये थे लेकिन जैसे ही उन्होंने चीन का हमला होते हुए देखा वो अंग्रेज कमांडर भाग खड़े हुए. फिर भी सिमित संसाधन होते हुए भारतीय सेनाओ ने चीन का मुकाबला बहुत ही बहादुरी से किया.

आजादी केकुछ ही समय बाद जब भारत अपने पैरो पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा था इस हमले ने भारतीय अर्थव्यवस्था की  कमर तोड़ कर रख थी . जब प्रधानमंत्री नेहरु को इस समस्या के बारे में बताया गया तो उन्होंने किसी भी तरह की बाहरी मदद लेने से इनकार कर दिया . और देश के नागरिको से आव्हान किया की संकट की इस घडी में देश का साथ दे . पंडित नेहरु ने वादा किया था जो भी आप देश को इस समय  देगे देश आपको इससे ज्यादा वापस देगा.

सबसे पहले पंडित नेहरु ने अपनी बेटी इंदिरा गाँधी से अपने गहने दान करने के लिए कहा . इंदिरा गाँधी जो नर्सो के एक समूह के साथ उस समय घायलों की मदद कर रही थी तुरंत ही अपने सभी गहनों के साथ गयी  और भारत के रक्षा सहायता कोष में जमा कर दिए.


आज जब देश के नेता दस दस लाख का सूट पहन कर घूमते है और अपने प्रचार में देश का हजारो  करोड़ पैसा खर्च कर देते है . तब हमें अहसास होता है की संकट के समय देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देने वाली इंदिरा गाँधी जी कितनी महान नेता थी.